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अडोल्फ़ हिटलर की जीवनी | Adolf Hitler Biography in Hindi

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Adolf Hitler biography in Hindi 

अडोल्फ़ हिटलर जीवन परिचय
Adolf Hitler biography in Hindi

पूरा नाम अडोल्फ़ हिटलर
जन्म 20 अप्रैल, 1889
जन्मस्थान ऑस्ट्रिया - हंगरी
राष्ट्रीयता जर्मनी
पिता एलोइस हिटलर
माता क्लारा हिटलर
विवाह इव्हा ब्राउन के साथ

ऑस्ट्रिया के एक छोटे से गांव ब्रोनो में अडोल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1889 को हुआ था। हिटलर के पिता का नाम एलोइस हिटलर और माता का नाम क्लारा हिटलर था। हिटलर के पिता मारिया के नाजायज संतान थे। लोगो की अनेको धरणाय थी। मारिया एक अमिर परिवार के यहाँ खाना बनाती थी। उस परिवार के मालिक का नाम फ़्रेंकबेगैर थे माना जाता हैं की अलोइस का जन्म फ़्रेंकबेगैर के पुत्र से ही हुआ था। जब हिटलर के पिता अलोइस 5 साल के हुए तो मारिया ने जोहान हदलर से शादी कर ली। लेकिन पांच वर्ष बाद मारिया की निधन हो गया।

अलोइस ने कुछ दिन खेती किया फिर काम की तलाश में वह वियेना चले गए। उसने सबसे पहले वियेना में मोची का काम किया फिर उसे ऑस्ट्रिया सिविल सेवा में अच्छी नौकरी मिले गई। अलोइस हमेशा अपने नाम का उप नाम अपनी माता के नाम पर रखता था। एक दिन उनके चाचा उप नाम बदलकर हदलर रखने को कहा ताकि उनका परिवार का नाम रोशन हो लेकिन जब भी वह अपना नाम दस्तावेजों में लिखता हदलर तो उसे अधिकारी हिटलर कहकर पुकारने लगे इसी तरह उप नाम हदलर से हिटलर हो गया।

अलोइस हिटलर ने कई शादी की लेकिन वह टूट जाती थी। अंत में अलोइस ने अपने चाचा की पोती कालरा से शादी किया। कालरा ने दो पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया लेकिन कोई इसमें बच नहीं पाए सब की मृत्यु हो गई। 20 अप्रैल 1889 को हिटलर का जन्म हुआ। जब हिटलर 5 वर्ष के हुए तो 1893 में उनके एक भाई का जन्म हुआ। और 1896 में उनकी बहन पौला का जन्म हुआ।

हिटलर का बचपन

हिटलर जब 6 वर्ष के हुए तो उसे गांव के ही स्कूल में दाखिला करवाया गया। हिटलर अपने पिता के सख्त रुख से काफी परेशान रहता था। हिटलर को अपने पिता से नहीं बनती थी। हिटलर एक कलाकार बनना चाहता था लेकिन उसके पिता उसे एक सरकारी अफसर बनाना चाहते थे। हिटलर चर्च में हमेशा जाता था। वह चर्च में बने स्वास्तिक की चित्र को बहुत ही ध्यान से देखता था। हिटलर ने पादरी बनने की ठान ली थी तभी उसका परिवार अपने पैतृक गांव आ गया। यहाँ उसकी भाई की बीमारी के चलते मौत हो गई। इसका सदमा उसके जीवन पर काफी पड़ा।

हिटलर और उसके दोस्त ऑस्ट्रियन राष्ट्रगान के बजाय जर्मनी का राष्ट्रगान गाया करते थे। 3 जनवरी 1903 को उनके पिता अलोइस की मौत हो गई। हिटलर का स्कूल में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा। तो उनकी माँ स्कूल छुड़वाकर Realschule में दाखिला करा दिया।

1907 में हिटलर की माँ का निधन हो गया। इस समय उनके परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हिटलर हॉस्टल चले गए और कलाकृतियों को बेचकर अपना जीवन यापन करने लगे। उस समय वियेना में प्रचलित नस्लीय और धार्मिक पूर्वाग्रह से हिटलर में सेमेटिक विरोधी के बीज बोये गए।

प्रथम विश्व युद्ध

मई 1913 में हिटलर ने म्युनिक के लिए वियेना छोड़ दिया। और 16 वी बवेरियन इन्फेंट्री रेजिमेंट में शामिल हो गए अगस्त 1914 में जब प्रथम युद्ध छिड़ा तो वह एक धावक के रूप में दूसरी यूरोप की शक्ति और अमेरिका के खिलाफ खड़े थे। युद्ध के दौरान उन्होंने काफी साहसी पूर्ण लड़ाई लड़ी। उनको इस काम के लिए समान्नित किया गया।

राजनितिक

हिटलर की राजनीतिक शुरुआत युद्ध समाप्त होने के बाद 1919 में उनके एक मित्र की सहायता से म्युनिक में सेना में एक राजनीतिक अधिकारी के रूप में काम किया यही से उनका राजनितिक सफर शुरू हुआ। हिटलर ने 1919 में जर्मन वर्कर्स पार्टी राष्ट्रवादी विरोधी समेंटिक और समाजवादी समूह की बैठक में भाग लिया। और काफी कम समय में वह पार्टी के बहुत लोकप्रिय नेता बन गए। इस पार्टी का ऑफिसियल नाम नाजी पार्टी था।

1923 तक हिटलर इस पार्टी के काफी ताकतवर नेता बन चुके थे। उनका जर्मन राजनितिक में बहुत ताकत था और उनके समर्थन में काफी लोग एक साथ आये। हिटलर ने देशद्रोह भी करने की कोशिस की इसके लिए उनको सजा भी दी गई। रिहाई के बाद उन्होंने पार्टी का पुर्नगठन किया उन्होंने कई राज्य को अपनी तरफ कर लिया।

दूसरा विश्व युद्ध

1 सितम्बर 1939 में यूरोप को अपने नियंत्रण में करने के लिए हिटलर ने युद्ध की शुरुआत की हिटलर पुरे यूरोप में आपने अधिकार जमाना चाहता था। इस लिए उसने कई राज्य से संधि कर लिया और कुछ राज्य को अपने वश में कर लिया। फ्रांसे के हार के बाद मुसोलिन से संधि कर लिया और रूस पर अधिकार ज़माने के लिए रूश पर आक्रमण कर दिया।

हिटलर का सबसे बड़ा अपराध यही था की वह पुरे विश्व पर अधिपत्य जमाना चाहता था। इस युद्ध के शुरू होने का यही कारण माना जाता हैं। इस युद्ध में लाखो लोग मारे गए। और लाखों परिवार बर्बाद हो गए। हिटलर की हार तब हुई जब अमेरिका इस युद्ध में शामिल हो गया। उसके बाद हिटलर कमजोर पड़ने लगा। उसका जीत हार में बदलने लगा। जो राज्य पर उसका अधिकार था वह भी हाथ से निकलने लगा। हिटलर के साथ - साथ जर्मनी की भी हर होने लगी। जब रूस ने वर्लिन पर आक्रमण किया तो हिटलर की पूरी तरह हर हो गई।

जब रूस सेना हिटलर के करीब पहुंचने लगी तब वह काफी हताश हो गया और वह काफी डर गया था। हिटलर ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले इवा ब्राउन के साथ शादी की और दोनों ने जहर खा कर आत्महत्या कर लिए। हिटलर की इच्छा थी की उनके शव को जलया जाये। तो उनकी इच्छा अनुशार उनके शव को जला दिया गया।

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