Total Pageviews

Blog Archive

Search This Blog

IIT स्टूडेंट ने खोली चाय की दुकान Success Stories Of Indian Businessman In Hindi

Entrepreneur in Hindi, Success Stories of Indian Businessman in Hindi, Success Businessman Story in Hindi, Young Entrepreneurs Stories in Hindi, Successful Entrepreneurs Stories in Hindi, Motivational Story in Hindi.
Share it:

Successful Entrepreneurs In India 

 चाय की दुकान से बने एक कामयाब कारोबारी
Successful Entrepreneurs Stories in Hindi

एक सुबह मैं और मेरी पत्नी अमेरिका के हयूस्टन में एक रेस्तरां से नाश्ता करके निकल रहे थे। तो मेरा चाय पीने का मन किया। क्यों की में थोड़ा स्पाइसी नाश्ता किया था। लेकिन में यह भी जानता था। की यहां चाय नहीं मिलेगी। चाय की इस हुड़क के साथ ही मेरे जेहन में सवाल उठा की क्या हमारे देश में मुझे कहीं यही चाय मिलेगी।

नितिन सलूजा बताते हैं की मैं सोचने लगा की दिल्ली, मुंबई, या लखनऊ में कोई ऐसी जगह हैं। जहां मेरी वाली टाइप चाय मिल सके उनके जेहन में एक ही सवाल बार - बार कौंध रहा था। चाय जैसी कॉमन चीज के लिए लोग आखिर घर पर या फिर किसी चाय की दुकान पर ही क्यों निर्भर करते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं की चाय का कॉमन टेस्ट न होने के कारण किसी ने इस और अभी तक गौर नहीं किया। उनके भीतर फिर सवाल उठे हर किसी को क्या यह मेरी वाली चाय देना आसान हैं। कही ऐसा तो नहीं की चाय की इमेज हमारे दिमाग में इतनी सस्ती हैं। की किसी ने इस पर काम करने की जरुरत नहीं समझी। कुल मिलाकर नितिन के दिमाग में सवालो और जवाबो का भंडार सा जमा हो गया। इसी सिलसिले ने उन्हें चायोज की कल्पना करने के लिए प्रेरित किया ।

इसी तरह उनके दिमाग में मेरी वाली चाय का कॉन्सेप्ट बनाना शुरू हो गया। एक इंजीनियर का दिमाग जैसा होता हैं। वैसे ही उन्होंने काम शुरू कर दिया रिशर्च करने के बाद पता चला की कुछ लोगो ने इस पर काम करने की कोशिस की थी। लेकिन शुरुआत ठीक नही थी। उन्होंने इस पर पुरे दो साल रिशर्च किया एक पारखी कस्टमर की तरह मेरी वाली चाय की खोज में लग गए। उन्हें लगा की अब काम शरू किया जा सकता हैं। तो मई 2012 नौकरी छोड़ने का मन बना लिया उन्होंने अपना पहला स्टोर नम्बर 2012 में गुरुगांव साइबर सिटी में खोला।
Success Stories of Indian Entrepreneurs in Hindi

जब नितिन ने नौकरी छोड़ने का फैशला किया उस वक्त उनकी पत्नी प्रेग्नेंट थी। उनकी पहली संतान होने वाली थी। घर वालो को लगा की यह बेवकूफी भरा फैसला होगा। नितिन बताते हैं की मै लखनऊ का रहने वाला हूँ। हर कोई मुझे समझाने लगा अच्छी जॉब पा कर फिर जॉब को छोड़ कर बिजनेस करना बेवकूफी होगी। और जब पत्नी प्रेग्नेंसी के समय हो तो ऐसा फैसला तो बिलकुल ठीक नहीं हैं। नितिन के पापा भी प्लोटेक्निक से इंजीनियरिंग की हैं। फिर घर वालो को नितिन ने मनाया धीरे - धीरे सब मान गए नितिन अपने पत्नी जिक्र करते हुए कहते हैं की वह पहले दिन से ही मेरे साथ थी। चायोज के सफ़र के साथ अपने दोस्त और बिजनेस पार्टनर राघव वर्मा की जिक्र नहीं भूलते वह कहते हैं। की चायोज के सपने को गाढ़ा करने का काम राघव ने किया हैं।

नितिन चायोज की कल्पना के पीछे माँ का बड़ा हाथ बताते हैं। क्यों की उनकी माँ ने उन्हें 8 साल की उम्र में ही चाय बनाना सीखा दिया था। जब माँ की सहेलियां आती थी। तो में ही चाय बनाता था और मेरी चाय सबको बहुत अच्छी लगती थी। नितिन बताते हैं की लोग सबसे ज्यादा देशी वाली चाय पसंद करते हैं। क्यों की इसे हर कस्टमर के हिसाब से बनया जाता हैं। चायोज के हर कप में वही होता हैं जो कस्टमर को चाहिए। नितिन कहते है की आपको यकीन नहीं होगा मेरा मानना हैं। इस तरह से 12000 प्रकार की चाय बन सकती हैं। नितिन बताते हैं की जब चायोज शुरू हुआ तो लोग मुझसे आकर पूछते थे। की यह किस विदेशी ब्रांड का चैन हैं।

नितिन बताते हैं की 12 लाख से बिजनेस शुरू किया था। 2015 में न्यूयोर्क की टाइगर ग्लोबल कम्पनी ने 32 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया। 2012 में पहला स्टोर, 2013 में चार स्टोर 2015 तक 23 स्टोर थे। और आज 53 स्टोर हैं। मार्च 2018 तक 70 स्टोर खोलने की प्लानिंग हैं। नितिन गुरुग्राम के गैलेरिओ मार्किट में चायोज के स्टोर में बैठकर चाय की चुस्की के साथ हसते हुए कहते हैं। "किसी महान आदमी ने कहा हैं न अब चाय का समय आ गया हैं"।

यह भी पढ़ें:-

Note: - आप अपने comments के माध्यम से बताएं कि Success Businessman Story In Hindi आपको कैसा लगा।
Share it:

Inspiring Entrepreneurs

Post A Comment:

1 comments:

  1. Their chais are really good and innovative. But they really lacks with the food taste and quality plus there are no combos as well so where is the value for money ?

    ReplyDelete