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अंग्रेजो को पहनाए देसी जूते - Success Businessman Story in Hindi

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Success Stories of Indian Entrepreneurs in Hindi


Success Businessman Story in Hindi


कानपूर – लखनऊ हाइवे पर लखनऊ की और कुछ दूर चलते ही एक अजीब सी दुर्गन्ध नाक ढकने को मजबूर कर देती हैं यह वह इलाका हैं जो पूरी दुनिया में चमड़े के कारोबार के लिए प्रशिद्ध हैं हाइवे के किनारे कुछ दूर और बढ़ने पर कानपूर निवासी 63 वर्षीय मुख्तरुल अमीन की कम्पनी सुपरहाउस लिमिटेड की नौ फैक्ट्रीरियो का साम्राज्य शरू होता हैं इनकी कम्पनी सुपरहाउस चमड़े से लेकर सेफ्टी शुज, आम फैशन वाले जूते, सपोर्ट शुज, स्कूली जूते पोर्टफोलियो बैग जैसे सामान की देश की सबसे बड़ी निर्यातक कम्पनी बन चुकी हैं

कानपूर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से स्तानक करने के बाद अमीन 1977 में अपने पुश्तैनी चमड़े के कारोबार में लग गए पुश्तैनी कारोबार इतना बड़ा नही था कि उनके चारो भाई इसमें सामिल हो सके इस लिए सात साल बाद अमीन ने 1984 में सुपरहाउस लिमिटेड नाम से खुद की एक कम्पनी बनाई

उन्होंने कानपूर के चमनगंज इलाके में 1.5 लाख रूपये के शुरुआती निवेश से किराए की जगह पर एक फैक्ट्री लगाई और चमड़े के जूते के ऊपरी हिस्सा बनाना शुरू किया। शुरुआत में ही उन्हें ब्रिटेन की कम्पनी यूके सेफ्टी शुज से आर्डर मिलने लगे 1985 में उन्नाव में एक फैक्ट्री लगाई नब्बे के दशक की शुरुआत में यूके सेफ्टी शुज को ब्रिटेन में जूते बनाना महंगा पड़ने लगा तो इस कम्पनी ने सुपरहाउस लिमिटेड को पूरा जूता बनाकर ब्रिटेन भेजने का जिम्मा सौप दिया इससे सुपरहाउस लिमिटेड को बहुत फायदा हुआ आर्डर के साथ – साथ यूके सेफ्टी शुज कम्पनी ने रबर वोल्केनाजिंग मशीन जैसी कई महंगी मशीन अमीन को भेज दी सुपरहाउस लिमिटेड सेफ्टी शुज बनाना शुरू किया और 500 से 600 जोड़ी जूते रोज बनाने लगे सेफ्टी शुज की ब्रिटेन में ब्रांडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए सुपरहाउस लिमिटेड ने ब्रिटेन की कम्पनी ब्रिक्स फुटवियर कम्पनी का अधिग्रहण कर लिया

सेफ्टी शुज की मांग सिमित थी तो कारोबार बढ़ाने के लिए अमीन ने 1998 में फैशन फूटवियर के क्षेत्र में कदम रखा अमीन ने इन जूतों का नामकरण बड़े रोचक ढंग से किया वे बताते हैं की ब्रिटिश राज में दो अंग्रेज व्यापरियों एलन और कूपर ने कानपूर में चमड़े के कारखाने की शुरुआत की थी इन दोनों के नाम को मिलाकर हमने एलन – कूपर नाम से अपना जूते का ब्राण्ड लाँच किया कुछ ही समय में इन जूतों ने ब्रिटेन में अपनी जगह बना ली

अमीन ने ब्रिटेन के लेस्टर में सुपरहाउस यूके के नाम से कंपनी बनाई और इसके जरिये ब्रिटेन में फैशन फूटवेयर का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू किया 2012 में ब्रिटेन के बाज़ार में सिल्वर स्ट्रीट के नाम से फैशन फूटवेयर उतारे गए 2015 में ब्रिटेन की कम्पनी पैट्रिक शुज खरीद कर अमीन ने फैशन फूटवेयर का कारोबार आगे बढाया सुपरहाउस लिमिटेड का कारवां केवल ब्रिटेन तक ही सिमित नहीं हैं आज जर्मनी, फ़्रांस, और स्पेन में भी अमीन अपनी कम्पनियों का कारोबार कर रहे हैं

कानपूर में घुड़सवारी का काफी प्रचालन हैं सुपरहाउस लिमिटेड ने राइडिंग प्रोडक्ट भी बनाना शुरू किया आज सुपरहाउस लिमिटेड घुड़सवारी में प्रयोग होने वाले उत्पाद बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कम्पनी हैं सुपरहाउस लिमिटेड का 80 प्रतिशत कारोबार निर्यात पर टिका हुआ हैं एसी स्थिति में अमीन अब देशी बाज़ार में कारोबार को फैलाना चाहते हैं

1983 में दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी ने देश में पहली बार किसी निजी व्यक्ति को अपनी स्कूल की फ्रेंचाइजी दी आज उतरप्रदेश के अलग – अलग इलाको में सात शाखाओ का संचालन करती हैं अमीन ने एलन हाउस के नाम से खुद का एक स्कूल खोला

1980 के दशक में चमड़े के एक छोटे से कारखाने से शुरू अमीन का कारोबार आज 1,000 करोड़ से अधिक का हो चूका हैं इस समूह का देश के बाहर ब्रिटेन, अमेरिका, UAE, और रोमानिया के साथ कई देशो में कम्पनी का कारोबार फैला हुआ हैं

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