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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अनमोल विचार | Pt. Deendayal Upadhyaya Quotes in Hindi

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Pt. Deendayal Upadhyaya Quotes in Hindi 

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के प्रेरक सुविचार
Pt. Deendayal Upadhyaya Quotes in Hindi

Quote 1: धर्म एक बहुत व्यापक अवधारणा है जो समाज को बनाए रखने के जीवन के सभी पहलुओं से संबंधित है
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 2: रिलिजन का मतलब एक पंथ या संप्रदाय है और इसका मतलब धर्म तो कतई नहीं
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 3: एक राष्ट्र लोगों का एक समूह होता है जो एक लक्ष्य’,’एक आदर्श’,’एक मिशन’ के साथ जीते हैं और एक विशेष भूभाग को अपनी मातृभूमि के रूप में देखते हैं यदि आदर्श या मातृभूमि दोनों में से किसी का भी लोप हो तो एक राष्ट्र संभव नहीं हो सकता
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 4: जब राज्य में समस्त शक्तियां समाहित होती हैं – राजनीतिक और आर्थिक दोनों – परिणामस्वरुप धर्म की गिरावट होता है
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 5: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष (मानव प्रयास के चार प्रकार) की लालसा व्यक्ति में जन्मगत होता है और इनमें संतुष्टि एकीकृत रूप से भारतीय संस्कृति का सार है
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 6: यहाँ भारत में, व्यक्ति के एकीकृत प्रगति को हासिल के विचार से, हम स्वयं से पहले शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा की चौगुनी आवश्यकताओं की पूर्ति का आदर्श रखते हैं
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 7: अंग्रेजी का शब्द रिलिजन धर्म के लिए सही शब्द नहीं है
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 8: मानव प्रकृति में दोनों प्रवृत्तियां रही हैं – एक ओर क्रोध और लालच तो दूसरी ओर प्रेम और बलिदान
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 9: संघर्ष सांस्कृतिक स्वभाव का एक संकेत नहीं है बल्कि यह उनके गिरावट का एक लक्षण है
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय

Quote 10: विविधता में एकता और विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की विचारधारा में रची- बसी हुई है
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Quote 11: मुसलमान हमारे शरीर का शरीर और हमारे खून का खून हैं
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Quote 12: शक्ति अनर्गल व्यवहार में व्यय न हो बल्कि अच्छी तरह विनियमित कार्रवाई में निहित होनी चाहिए
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Quote 13: धर्म के लिए निकटतम समान अंग्रेजी शब्द ‘जन्मजात कानून’ हो सकता है हालाँकि यह भी धर्म के पूरा अर्थ को व्यक्त नहीं करता है चूँकि धर्म सर्वोच्च है, हमारे राज्य के लिए आदर्श ‘धर्म का राज्य’ होना चाहिए
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Quote 14: धर्म के मौलिक सिद्धांत अनन्त और सार्वभौमिक हैं हालांकि, उनके कार्यान्वयन का समय और स्थान परिस्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकती है
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Quote 15: बीज की एक इकाई विभिन्न रूपों में प्रकट होती है – जड़ें, तना, शाखाएं, पत्तियां, फूल और फल इन सबके रंग और गुण अलग-अलग होते हैं फिर भी बीज के द्वारा हम इन सबके एकत्व के रिश्ते को पहचान लेते हैं
Pundit Deendayal Upadhyaya पण्डित दीनदयाल उपाध्याय
Pandit Deendayal Upadhyay in Hindi


Quote 16: हेगेल ने थीसिस, एंटी थीसिस और संश्लेषण के सिद्धांतों को आगे रखा, कार्ल मार्क्स ने इस सिद्धांत को एक आधार के रूप में इस्तेमाल किया और इतिहास और अर्थशास्त्र के अपने विश्लेषण को प्रस्तुत किया, डार्विन ने योग्यतम की उत्तरजीविता के सिद्धांत को जीवन का एकमात्र आधार माना; लेकिन हमने इस देश में सभी जीवों की मूलभूत एकात्म देखा है
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Quote 17: जीवन में विविधता और बहुलता है लेकिन हमने हमेशा उनके पीछे छिपी एकता को खोजने का प्रयास किया है
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Quote 18: भारतीय संस्कृति की मूलभूत विशेषता है कि यह जीवन को एक एकीकृत रूप में देखती है
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Quote 19: मानवीय और राष्ट्रीय दोनों तरह से, यह आवश्यक हो गया है कि हम भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों के बारे में सोचें
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Quote 20: आजादी सार्थक तभी हो सकती है जब यह हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बन जाए
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Quote 21: मानवीय ज्ञान आम संपत्ति है
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Quote 22: पिछले 1000 वर्षों में जबरदस्ती या अपनी इच्छा से, चाहे जो कुछ भी हमने ग्रहण किया है – अब उसे ख़ारिज नहीं किया जा सकता
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Quote 23: पश्चिमी विज्ञान और पश्चिमी जीवन शैली दो अलग-अलग चीजें हैं चूँकि पश्चिमी विज्ञान सार्वभौमिक है और हम आगे बढ़ने के लिए इसे अपनाना चाहिए, लेकिन पश्चिमी जीवनशैली और मूल्यों के सन्दर्भ में यह सच नहीं है
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Quote 24: जब अंग्रेज हम पर राज कर रहे थे, तब हमने उनके विरोध में गर्व का अनुभव किया, लेकिन हैरत की बात है कि अब जबकि अंग्रेज चले गए हैं, पश्चिमीकरण प्रगति का पर्याय बन गया है
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Quote 25: सिद्धांतहीन अवसरवादी लोगों ने हमारे देश की राजनीति का बागडोर संभाल रखा है
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Quote 26: अवसरवादिता ने राजनीति में लोगों के विश्वास को हिला दिया है
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Quote 27: अपने राष्ट्रीय पहचान की उपेक्षा भारत के मूलभूत समस्याओं का प्रमुख कारण है
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Quote 28: यह जरुरी है कि हम ‘हमारी राष्ट्रीय पहचान’ के बारे में सोचते हैं, जिसके बिना आजादी’ का कोई अर्थ नहीं है
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Quote 29: जब स्वभाव को धर्म के सिद्धांतों के अनुसार बदला जाता है, तो हमें संस्कृति और सभ्यता प्राप्त होते हैं
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Quote 30: भारत में नैतिकता के सिद्धांतों को धर्म के रूप में माना जाता है – यानि जीवन के नियम
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Quote 31: नैतिकता के सिद्धांतों को कोई एक व्यक्ति नहीं बनाता है, बल्कि इनकी खोज की जाती है
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Quote 32: व्यक्ति को वोट दें, बटुए को नहीं, पार्टी को वोट दें, व्यक्ति को नहीं; सिद्धांत को वोट दें, पार्टी को नहीं
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Quote 33: हमारी राष्ट्रीयता का आधार भारत माता हैं, केवल भारत ही नहीं माता शब्द हटा दीजिये तो भारत केवल जमीन का टुकड़ा मात्र बनकर रह जायेगा
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