Total Pageviews

Blog Archive

Search This Blog

श्रीमद् भागवत गीता अनमोल विचार | Bhagavad Gita Quotes in Hindi

Bhagavad Gita Quotes in Hindi, Krishna Quotes in Hindi, Lord Krishna Quotes in Hindi, Krishna Anmol Vachan in Hindi, Famous Gita Quotes in Hindi, Best Bhagavad Gita Quotes in Hindi.
Share it:

Best Bhagavad Gita Quotes in Hindi 

 श्रीमद् भागवत गीता अनमोल विचार

Bhagavad Gita Quotes in Hindi

Quote 1: ऐसा कुछ भी नहीं, चेतन या अचेतन, जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 2: मैं सभी प्राणियों के ह्रदय में विद्यमान हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 3: केवल मन ही किसी का मित्र और शत्रु होता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 4: वह जो इस ज्ञान में विश्वास नहीं रखते, मुझे प्राप्त किये बिना जन्म और मृत्यु के चक्र का अनुगमन करते हैं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 5: वह जो मृत्यु के समय मुझे स्मरण करते हुए अपना शरीर त्यागता है, वह मेरे धाम को प्राप्त होता है इसमें कोई शंशय नहीं है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 6: स्वर्ग प्राप्त करने और वहां कई वर्षों तक वास करने के पश्चात एक असफल योगी का पुन: एक पवित्र और समृद्ध कुटुंब में जन्म होता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 7: हे अर्जुन!, मैं भूत, वर्तमान और भविष्य के सभी प्राणियों को जानता हूँ, किन्तु वास्तविकता में कोई मुझे नहीं जानता
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 8: मैं ऊष्मा देता हूँ, मैं वर्षा करता हूँ और रोकता भी हूँ, मैं अमरत्व भी हूँ और मृत्यु भी
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 9: जो इस लोक में अपने काम की सफलता की कामना रखते हैं वे देवताओं का पूजन करें
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 10: मेरे लिए ना कोई घृणित है ना प्रिय किन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं, वो मेरे साथ हैं और मैं भी उनके साथ हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 11: जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है, मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 12: बुरे कर्म करने वाले, सबसे नीच व्यक्ति जो राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं, और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 13: जब वे अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं तब वे पूर्णता प्राप्त करते हैं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 14: यद्द्यापी मैं इस तंत्र का रचयिता हूँ, लेकिन सभी को यह ज्ञात होना चाहिए कि मैं कुछ नहीं करता और मैं अनंत हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 15: वह जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और “मैं” और “मेरा” की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शांती प्राप्त होती है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
Famous Gita Quotes in Hindi


Quote 16: जो व्यक्ति आध्यात्मिक जागरूकता के शिखर तक पहुँच चुके हैं, उनका मार्ग है निःस्वार्थ कर्म जो भगवान् के साथ संयोजित हो चुके हैं उनका मार्ग है स्थिरता और शांति
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 17: बुद्धिमान व्यक्ति को समाज कल्याण के लिए बिना आसक्ति के काम करना चाहिए
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 18: कर्म उसे नहीं बांधता जिसने काम का त्याग कर दिया है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 19: कर्म योग वास्तव में एक परम रहस्य है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 20: अपने परम भक्तों, जो हमेशा मेरा स्मरण या एक-चित्त मन से मेरा पूजन करते हैं, मैं व्यक्तिगत रूप से उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 21: वह जो वास्तविकता में मेरे उत्कृष्ट जन्म और गतिविधियों को समझता है, वह शरीर त्यागने के बाद पुनः जन्म नहीं लेता और मेरे धाम को प्राप्त होता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 22: हे अर्जुन! हम दोनों ने कई जन्म लिए हैं मुझे याद हैं, लेकिन तुम्हे नहीं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 23: कर्म मुझे बांधता नहीं, क्योंकि मुझे कर्म के प्रतिफल की कोई इच्छा नहीं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 24: कभी ऐसा समय नहीं था जब मैं, तुम, या ये राजा-महाराजा अस्तित्व में नहीं थे, ना ही भविष्य में कभी ऐसा होगा कि हमारा अस्तित्व समाप्त हो जाये
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 25: तुम उसके लिए शोक करते हो जो शोक करने के योग्य नहीं हैं, और फिर भी ज्ञान की बाते करते हो बुद्धिमान व्यक्ति ना जीवित और ना ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 26: मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 27: जो कार्य में निष्क्रियता और निष्क्रियता में कार्य देखता है वह एक बुद्धिमान व्यक्ति है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 28: आपके सार्वलौकिक रूप का मुझे न प्रारंभ न मध्य न अंत दिखाई दे रहा है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 29: बुद्धिमान व्यक्ति कामुक सुख में आनंद नहीं लेता
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 30: भगवान प्रत्येक वस्तु में है और सबके ऊपर भी
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 31: प्रबुद्ध व्यक्ति सिवाय ईश्वर के किसी और पर निर्भर नहीं करता
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 32: सभी अच्छे काम छोड़ कर बस भगवान में पूर्ण रूप से समर्पित हो जाओ मैं तुम्हे सभी पापों से मुक्त कर दूंगा. शोक मत करो
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 33: अप्राकृतिक कर्म बहुत तनाव पैदा करता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 34: मैं सभी प्राणियों को सामान रूप से देखता हूँ; ना कोई मुझे कम प्रिय है ना अधिक लेकिन जो मेरी प्रेमपूर्वक आराधना करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं और मैं उनके जीवन में आता हूँ
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 35: मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 36: किसी और का काम पूर्णता से करने से कहीं अच्छा है कि अपना काम करें, भले ही उसे अपूर्णता से करना पड़े
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 37: हे अर्जुन, केवल भाग्यशाली योद्धा ही ऐसा युद्ध लड़ने का अवसर पाते हैं जो स्वर्ग के द्वार के सामान है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 38: मेरी कृपा से कोई सभी कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए भी बस मेरी शरण में आकर अनंत अविनाशी निवास को प्राप्त करता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 39: जन्म लेने वाले के लिए मृत्यु उतनी ही निश्चित है जितना कि मृत होने वाले के लिए जन्म लेना इसलिए जो अपरिहार्य है उस पर शोक मत करो
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 40: हर व्यक्ति का विश्वास उसकी प्रकृति के अनुसार होता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 41: व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदी वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिंतन करे
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 42: निर्माण केवल पहले से मौजूद चीजों का प्रक्षेपण है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 43: मन की गतिविधियों, होश, श्वास, और भावनाओं के माध्यम से भगवान की शक्ति सदा तुम्हारे साथ है; और लगातार तुम्हे बस एक साधन की तरह प्रयोग कर के सभी कार्य कर रही है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 44: क्रोध से भ्रम पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 45: प्रबुद्ध व्यक्ति के लिए, गंदगी का ढेर, पत्थर, और सोना सभी समान हैं
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 46: लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे सम्मानित व्यक्ति के लिए, अपमान मृत्यु से भी बदतर है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 47: ज्ञानी व्यक्ति को कर्म के प्रतिफल की अपेक्षा कर रहे अज्ञानी व्यक्ति के दीमाग को अस्थिर नहीं करना चाहिए
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 48: उससे मत डरो जो वास्तविक नहीं है, ना कभी था ना कभी होगा जो वास्तविक है, वो हमेशा था और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 49: मन अशांत है और उसे नियंत्रित करना कठिन है, लेकिन अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 50: इस जीवन में ना कुछ खोता है ना व्यर्थ होता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 51: आत्म-ज्ञान की तलवार से काटकर अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को अलग कर दो अनुशाषित रहो उठो
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 52: अपने अनिवार्य कार्य करो, क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 53: जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 54: ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है, वही सही मायने में देखता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 55: सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 56: नर्क के तीन द्वार हैं: वासना, क्रोध और लालच
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता

Quote 57: मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है
Srimadbhagwadgita श्रीमद्भगवद्गीता
यह भी पढ़ें:-

Note: - आप अपने comments के माध्यम से बताएं कि Best Bhagavad Gita Quotes in Hindi आपको कैसा लगा।
Share it:

Hindi Quotes

Post A Comment:

0 comments: